
भवानीमंडी. जिस पिता के हाथों में एक बेटी सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करती है, उसी ने नीचता की सारी हदें पार कर दी थी। उसने अपनी ही सगी नाबालिग बेटी पर बुरी नीयत डाल दी। डेढ़ साल पहले बेटी ने तंग आकर खुद को कमरे में बंद कर केरोसिन डालकर आत्महत्या कर ली थी। बहशी बाप को बुधवार काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सरकारी वकील हेमराज शर्मा ने बताया कि स्थानीय एडीजे कोर्ट एडीजे डॉ. प्रभात कुमार अग्रवाल ने इसे जघन्य अपराध की संज्ञा देते हुए आरोपी पिता रमेश पुत्र माधोलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके खिलाफ खुद इसकी ही पत्नी प्रेमबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 16 वर्षीय बेटी पर बुरी नीयत रखकर छेड़छाड़ करता है। इससे तंग आकर 23 मार्च 2017 की सुबह नाबालिग बेटी ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। यह आरोपी तभी से न्यायिक हिरासत में था। बुधवार को उसे सजा सुनाने के लिए अदालत लाया गया था। सजा सुनने के बाद उसने शर्म से नजरें झुका ली।
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