
डूंगरपुर. तीन साल पहले एक प्रौढ़ के हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपी भाईयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी किया गया है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश महेंद्रसिंह सिसोदिया ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए बुधवार को फैसला सुनाया। लोक अभियोजक भारतभूषण पंड्या ने बताया कि मामले में आरोपी पालवस्सी फला मालाजी निवासी देवीलाल पुत्र सोमाजी कलासुआ मीणा और भाई वासुदेव कलासुआ मीणा को भादस की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को 10-10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई है। ये है मामला गौरतलब है कि पालवस्सी फला मालाजी निवासी भरतलाल पुत्र मोहन कटारा ने 16 अप्रेल, 2015 को दोवड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि उसकी पत्नी रमीला को सरकारी अस्पताल में भर्ती करने के कारण वह अस्पताल में था। मां चंपा भी मामा के घर गई थी। घर पर पिता मोहन (50) पुत्र पेमजी अकेले थे। रात करीब 10.30 बजे देवीलाल और वासुदेव ने पुरानी रंजिश को लेकर पिताजी पर हमला...
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